नकली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़ पांच आरोपी हुए गिरफ्तार 7 लाख 17000 के फेक इंडियन करेंसी बरामद

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यहां नकली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पांच आरोपी गिरफ्तार, 7 लाख 17 हजार की फेक इंडियन करेंसी बरामद

चंडीगढ़। चंडीगढ़ पुलिस ने नकली नोट छापने वाले बड़े और संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया. पुलिस ने अभी तक नकली नोट छापने वाले गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया और इनके कब्जे से करीब 7 लाख 17 हजार 400 रुपये के नकली नोट बरामद किए. शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये गिरोह लंबे समय से चंडीगढ़ में सक्रिय था. जो अब तक करोड़ों रुपये के नकली नोट बाजारों में भेज चुका है.

नकली भारतीय करेंसी नोट छापने और सर्कुलेट करने वाले गिरोह का भंडाफोड़: चंडीगढ़ DSP क्राइम धीरज कुमार ने कहा “चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हाल ही में नकली भारतीय करेंसी नोट सर्कुलेट करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. पहले हमने इस मामले में FIR दर्ज की थी, जिसके बाद हमने बड़ी रिकवरी की. इस मामले में, हमने एक मल्टी-स्टेट नेटवर्क का भी भंडाफोड़ किया है, जो हरियाणा, दिल्ली, UP, J&K और उत्तराखंड में काम कर रहा था.”

5 आरोपी गिरफ्तार, 7 लाख से ज्यादा की नकली करेंसी बरामद: डीएसपी क्राइम धीरज कुमार ने बताया कि “इस मामले में शुक्रवार को 5 लोगों को गिरफ्तार किया और 7,17,400 रुपये के 1777 नोट बरामद किए. इसके अलावा, हमने नकली करेंसी छापने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल भी बरामद किया है, जैसे प्रिंटर, इंक, कटर पेपर, धागे.”

आरोपी अविनाश की गिरफ्तार से खुला राज: धीरज कुमार के मुताबिक “सबसे पहले हमने इस केस में अविनाश नाम के एक युवक को सेक्टर 43 के बस स्टैंड से गिरफ्तार किया था. आरोपी सेक्टर 52 के पीजी में कुछ दिन से रह रहा था. जब हमने पीजी में रेड की तो वहां से उसके दिल्ली के दोस्त सत्यम का सुराग लगा, जबकि अविनाश जम्मू का है. इन दोनों के रूम से करीब 1 लाख 1 हजार रुपये की नकली भारतीय करेंसी मिली. इनके बताए गए अनुसार हमने चंडीगढ़ में रेड की तो यहां से 4 लाख 76 हजार रुपये की फेक करेंसी बरामद की.”

महेंद्रगढ़ का संदीप था स्पलायर: “जब हमने दोनों आरोपियों के मोबाइल को जांचा तो एक संदीप नाम के शख्स का नंबर भी मिला. संदीप हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले का रहने वाला है. उसके घर से भी करीब 10 हजार रुपये की नकली करेंसी मिली. सबसे बड़ी बात थी कि जितने भी रॉ मटेरियल थे. वो संदीप के पास से मिले. जैसे प्रिंटर, इंक, पेपर और कटर. इसके आधार पर हमने उत्तराखंड के देहरादून में छापेमारी की. इसके अलावा सहारनपुर में भी रेड की. यहां से दो युवक अब्दुल्ला और शहजाद संदीप से नोट खरीद कर आगे सर्कुलेट करने में लगे थे. दोनों से एक लाख 10 हजार की फेक करेंसी बरामद हुई. इस तरह हमने 7 लाख 17 हजार की फेक करेंसी बरामद की है और पांच लोगों को गिरफ्तार किया है.”

टेलीग्राम पर बने ग्रुप से करते थे कम्यूनिकेशन: “सोशल मीडिया खासकर टेलीग्राम और इंस्टाग्राम पर कुछ ऐसे ग्रुप बने हैं. जहां से ये एक दूसरे के कॉन्टैक्ट में आए. टेलीग्राम पर प्रिंट करने वाला उसका वीडियो भेजता है. नोट्स के वीडियो भेजता है. कुछ दिन कम्यूनिकेट करने के बाद सैंपल के तौर पर पांच से दस नोट ले लेते हैं. इसके बाद वो एक्सचेंज रेश्यो 1:4, 1:3 कि चार लाख फेक करेंसी का नोट देंगे, तो उसके बदले एक लाख रुपये असली करेंसी लेंगे. ये उनका आपसी नेगोशिएशन होता है. जब उनकी डील हो जाती है, तो फिर ये एक दूसरे को डिलीवरी करने लगते हैं. डिलीवरी इन हेंड भी होती है. बाइ पर्सन भी या पार्सल के थ्रू भी होती है.”

लो क्वालिटी के नोट रिकवर: “इसी तरीके से संदीप प्रिंट कर डिलीवरी दे रहा था. ये हाई क्वालिटी के नोट नहीं है. घर पर हम जो प्रिंटर यूज करते हैं. उसमें पीएसडी फाइल यूज होती है. ये फाइल थोड़ी अच्छी होती है. जिससे फोटो का प्रिंट अच्छा आ जाता है. जितनी अच्छी क्वालिटी होगी. प्रिंट भी उतना अच्छा आएगा. आगे चलकर ये ऑपसेट प्रिंटर यूज करते हैं. जिसमें प्लेट होती हैं. इससे क्वालिटी और अच्छी आ जाती है, लेकिन हमारी सारी रिकवरी लो क्वालिटी नोट्स की हैं.”

नकली नोटो में सिक्योरिटी फीचर मिसिंग: “इसमें सिक्योरिटी फीचर भी मिसिंग है. जो ब्लाइंड पर्सन के लिए होते हैं. आरोपियों ने अभी तक की पूछताछ में बताया कि हमने अभी तक 20 लाख रुपये तक के नकली नोट अभी तक मार्केट में दिए हैं. इसमें से भी 7 लाख रुपये की हमने रिकवरी कर ली है. एक अनुमान है कि इन्होंने 40 लाख फेक करेंसी अभी तक सर्कुलेट कर दी होगी.”

पुलिस का छापेमारी अभियान जारी: फिलहाल पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने किन-किन इलाकों में नकली नोटों की सप्लाई की और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं. पुलिस ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं. अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से नकली नोटों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और भविष्य में इस तरह के अपराधों पर सख्ती से रोक लगाने के लिए लगातार अभियान जारी रहेगा.


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