बागेश्वर लापता महिला का शव जंगल से बरामद तेंदुए के हमले की आंशका
बागेश्वर: मनकोट में लापता महिला का शव जंगल की खाई से बरामद, तेंदुए के हमले की आशंका से दहशत
उत्तराखण्ड के बागेश्वर जिले से एक बेहद दुखद एवं सनसनीखेज खबर सामने आ रही है जहां मनकोट गांव में लापता हुई एक बुजुर्ग महिला का शव घर से करीब दो किलोमीटर दूर जंगल की खाई से बरामद होने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। महिला के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिलने के बाद ग्रामीणों ने तेंदुए के हमले की आशंका जताई है, हालांकि वन विभाग ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होने की बात कही है।
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अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, मनकोट गांव के कंपास तोक निवासी देवकी देवी (65) पत्नी कृष्णानंद बुधवार देर शाम करीब छह बजे अपने परिजनों के साथ घर के पास घास के ढेर के समीप लगी आग को बुझाने में जुटी थीं। बताया गया है कि करीब 6:30 बजे वह आग बुझाने के लिए पानी लेने के लिए घर से कुछ दूरी पर जंगल की ओर स्थित प्राकृतिक स्रोत की तरफ गईं। जब वह काफी देर तक पानी लेकर नहीं पहुंची तो परिजनों ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन जब देर रात तक उनका कोई सुराग नहीं मिला तो ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ग्रामीणों के साथ खोज अभियान में जुट गई। घंटों चली तलाश के बाद रात करीब सवा 11 बजे देवकी देवी का शव घर से लगभग दो किलोमीटर दूर जंगल की खाई में मिला। शव के सिर पर चोट के स्पष्ट निशान पाए गए, जिससे मामला और भी संदिग्ध हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। महिला की तलाश में शामिल ग्रामीणों और जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि दीपक खेतवाल ने बताया कि बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में तेंदुए की लगातार आवाजाही देखी जा रही थी। खोजबीन के दौरान भी घटनास्थल के आसपास तेंदुआ दिखाई देने की बात ग्रामीणों ने कही है।
हालांकि मौके पर पहुंचे प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) आदित्य रत्न ने बताया कि महिला के सिर पर चोट के निशान हैं, लेकिन यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता कि मौत तेंदुए के हमले से हुई है या किसी अन्य कारण से। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। इधर, घटना के बाद से मनकोट और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों में आक्रोश और चिंता दोनों देखी जा रही है। लोग वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और तेंदुए की गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
