अंकिता केस में बड़ा एक्शन: वसंत विहार थाने में ‘VIP’ के खिलाफ मुकदमा दर्ज, अब CBI खोलेगी राज
अंकिता भंडारी हत्याकांड में ‘वीआईपी’ का नाम उजागर करने के लिए वसंत विहार थाने में मुकदमा दर्ज। पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी की शिकायत पर CM धामी ने दी CBI जांच की मंजूरी।
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में तथाकथित ‘वीआईपी’ के रहस्य से पर्दा उठाने के लिए कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है। देहरादून के वसंत विहार थाने में इस अज्ञात वीआईपी के विरुद्ध साक्ष्य छिपाने और आपराधिक संलिप्तता के आरोपों में एक नया मुकदमा दर्ज किया गया है। माना जा रहा है कि इसी FIR को आधार बनाकर अब सीबीआई (CBI) अपनी जांच की शुरुआत करेगी।
यह कार्रवाई पद्मभूषण और प्रसिद्ध पर्यावरणविद डॉ. अनिल प्रकाश जोशी द्वारा पुलिस महानिदेशक (DGP) को दी गई शिकायत के बाद की गई है। डॉ. जोशी ने अपनी शिकायत में कहा कि यद्यपि मुख्य अपराधियों को सजा मिल चुकी है, लेकिन इंटरनेट मीडिया और सार्वजनिक चर्चाओं में कतिपय साक्ष्यों को नष्ट करने और एक अज्ञात वीआईपी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। पूर्ण न्याय के लिए इस ‘स्वतंत्र अपराध’ की जांच होना अनिवार्य है।
एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष वसंत विहार को तुरंत मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही गृह विभाग को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की सिफारिश की गई। इसी तकनीकी आधार पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल सीबीआई जांच की संस्तुति प्रदान कर दी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि नई FIR दर्ज होने से सीबीआई को केस के उन पहलुओं को खंगालने में आसानी होगी, जो अब तक की SIT जांच के दायरे से बाहर थे। विशेष रूप से उन आरोपों की पड़ताल की जाएगी जिनमें कहा जा रहा था कि वीआईपी को बचाने के लिए साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है।
