उत्तराखंड में मानव तस्करी निरोधी इकाई, यानी ए.एच.टी.यू (AHTU) ने बाल श्रम और मानव तस्करी जैसे गंभीर मुद्दों पर आमजन को जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया है। टीम ने प्रतिष्ठान मालिकों को सख्त चेतावनी दी है कि यदि उनके यहां 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे काम करते पाए गए, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह जनजागरूकता कार्यक्रम ए.एच.टी.यू. की तरफ से आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज को बाल शोषण के इन दो बड़े खतरों के प्रति सचेत करना था। टीम ने स्थानीय बाजारों, कार्यशालाओं और सार्वजनिक स्थानों पर जाकर लोगों से सीधा संवाद किया
अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी प्रतिष्ठान मालिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि 14 वर्ष से कम उम्र का कोई भी बच्चा उनके कारखाने, दुकान या वर्कशॉप में काम करता हुआ न मिले। यह एक कानूनी अपराध है
अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी प्रतिष्ठान मालिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि 14 वर्ष से कम उम्र का कोई भी बच्चा उनके कारखाने, दुकान या वर्कशॉप में काम करता हुआ न मिले। यह एक कानूनी अपराध है और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बाल श्रम निषेध और विनियमन अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- डायल 112: आपातकालीन सेवा
- 1098: चाइल्ड हेल्पलाइन
- 1930: मानव तस्करी/साइबर अपराध रिपोर्टिंग
