लेडी सिंघम का मास्टर स्ट्रोक मरीज बनकर पहुंची एसडीएम फर्जी दवाइयां के खेल का किया पर्दाफाश
तैयार हो जाइए एक ऐसी हकीकत के लिए जिसे सुनकर भ्रष्टाचारियों के पसीने छूट जाएंगे जहां बड़े-बड़े अधिकारी दफ्तरों की फाइलों में खोए रहते हैं वही एक महिला अधिकारी ने वो कर दिखाया है जिसकी गूंज पूरे प्रदेश में है।
लेडी सिंघम” का मास्टरस्ट्रोक: मरीज बनकर पहुंची एसडीएम, फर्जी खेल का किया पर्दाफाश!
हम बात कर रहे हैं गदरपुर की एसडीएम ऋचा सिंह की!
मामला था नकली और जहरीली दवाओं के कारोबार का। शिकायत मिली थी कि एक तथाकथित ‘वैद्य जी’ आयुर्वेद के नाम पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। एसडीएम ऋचा सिंह ने ऑफिस की गाड़ी छोड़ी, सुरक्षा छोड़ी और एक साधारण मरीज बनकर पहुंच गईं आरोपी के ठिकाने पर।
बिना किसी को कानो-कान खबर हुए, उन्होंने खुद लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतज़ार किया और जैसे ही आरोपी ने उन्हें अपनी ‘जादुई’ पुड़िया थमाई… पासा पलट गया!
जैसे ही एसडीएम ने अपनी असली पहचान जाहिर की, वहां हड़कंप मच गया! जो ‘वैद्य’ कुछ देर पहले तक ज्ञान बांट रहा था, उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। जांच शुरू हुई तो हकीकत और भी खौफनाक निकली।
नकली शुगर की दवा: भारी मात्रा में मिलावटी पाउडर और बिना लेबल की शीशियां बरामद।
अवैध हथियार: चौंकाने वाली बात यह कि आरोपी के पास से अवैध असलहा भी पाया गया!
सामने अवैध हथियार था, अपराधियों का नेटवर्क था, लेकिन सामने ऋचा सिंह थीं! बिना डरे, बिना हिचकिचाए उन्होंने मौके पर ही पूरी फैक्ट्री को सील कर दिया और आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया।
एसडीएम ऋचा सिंह का संदेश साफ है: “जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों की जगह अस्पताल नहीं, जेल की सलाखें हैं।”
आज पूरा गदरपुर और उत्तराखंड अपनी इस जाबांज़ अधिकारी को सलाम कर रहा है। ऋचा सिंह ने साबित कर दिया है कि अगर नीयत साफ हो और इरादे फौलादी, तो वर्दी और पद का असली रसूख जमीन पर उतरकर ही दिखता है।
रिपोर्ट अर्जुन कमार
